लेखपाल के अन्य कार्यों की समीक्षा करते तो शायद नहीं होती निलबंन कि कारवाई

दे०हे०सा। भूमि विवाद मामलों मे दो पक्षों के बीच दोनों पक्षों को संतुष्ट करना पुलिस और राजस्व दोनों के लिए हमेशा एक चुनौती बनी रहती है। ऐसे मे ये भी माना जाता है कि भ्रष्टाचार के इस दौर मे अधिकारी कर्मचारियों द्वारा घूस लेने की प्रथा कोई नई नहीं है। लेकिन बतौर एक पत्रकार हम इस बात को समझते है कि अधिकारी अगर निलंबन से पहले उसके अन्य कार्यशैली और कार्य करने के तरीके को बखूबी तरीके से समझे तो शायद सलेमपुर तहसील के लेखपाल रजनीश मिश्र निलंबित ना होते। हाल ही मे निलंबित लेखपाल रजनीश मिश्र का लोगो के प्रति अच्छा व्यवहार रहा है। वे सामाजिक स्तर पर लोगो से सामंजस्य बनाने मे काबिल माने जाते है। हाई कोर्ट के आदेश का जवाब देना हो अथवा किसी मुश्किल भरे समय पर कोई कार्य लेना हो तो इनको अधिकारी खुद याद किया करते थे। ऐसे मे अधिकारियों को मात्र एक शिकायत पर कारवाई करने से पहले उनके पूर्व के कार्यों की समीक्षा कर लेनी चाहिए़।

 

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